अयोध्या का कार्यक्रम विशुद्ध राजनीतिक कर्मकांड है, सेक्युलरिज्म के रक्षक ही इसकी हार के जिम्मेदार

अयोध्या का कार्यक्रम विशुद्ध राजनीतिक कर्मकांड है, सेक्युलरिज्म के रक्षक ही इसकी हार के जिम्मेदार

भविष्य का कोई इतिहासकार 5 अगस्त 2020 की तारीख के आगे ये लिख सकता है कि इस दिन भारत में सेक्युलरिज्म की मौत हुई. बेशक, हमारा ये इतिहासकार यह भी लिखेगा कि मरीज तो हमेशा से ही बीमार चला आ रहा था या उसके लिए ज्यादा ठीक होगा ये लिखना कि मरीज पिछले तीन दशक से बीमार था. इतिहासकार उन […]

प्रशांत भूषण के मामले में अगर सुनवाई ‘ईमानदारी’ और ‘इंसाफ’ के जज्बे से हुई तो मिलेंगे जरूरी सवालों के जवाब

प्रशांत भूषण के मामले में अगर सुनवाई ‘ईमानदारी’ और ‘इंसाफ’ के जज्बे से हुई तो मिलेंगे जरूरी सवालों के जवाब

प्रशांत भूषण के विरुद्ध अदालत की अवमानना के बहुप्रतीक्षित मामले में सुनवाई अगले हफ्ते शुरु हो रही है तो जरुरी है कि हम इस मामले को लेकर गलत सवाल ना पूछें. गलत सवाल ये कि क्या प्रशांत भूषण को उनके ट्वीट और इससे पहले कही गई अपनी बातों के लिए दंडित किया जाना चाहिए? सवाल गलत पूछेंगे तो जवाब भी […]

Why I look forward to Prashant Bhushan’s contempt case hearing, if it’s full and fair

Why I look forward to Prashant Bhushan’s contempt case hearing, if it’s full and fair

As the much-awaited hearing in the contempt cases against lawyer Prashant Bhushan begins next week, it is necessary not to ask the wrong question: should Prashant Bhushan be punished for his tweets and earlier utterances? A wrong question gets wrong answers, even if sympathetic and otherwise valid. Over the last week, the media has spoken. Many former judges have joined citizens and […]