Home / Mission Jai Hind / FAQ’s

MISSION JAI HIND FAQ's

देश महासंकट में है। एक ओर कोरोना की मार, दूसरी ओर रोज़ी-रोटी का हाहाकार। ऊपर से चीन हमलावर। सरकारें पस्त हैं, हाथ खड़े कर चुकी हैं। पार्टियां व्यस्त हैं, संकट से लड़ने में नहीं, एक दूसरे से लड़ने में। जनता भगवान भरोसे है। ऐसे में किसी को तो खड़ा होना होगा जनता के साथ, जनता के मुद्दे उठाने के लिए। इसके लिए अब बेरहम, बेशर्म सरकार का और इंतज़ार नहीं करेंगे हम। एक दूसरे का हाथ पकड़कर देश को इस महासंकट से उबारने के इस अभियान का नाम है मिशन जय हिन्द!

धर्म के वास्ते ‘कार सेवा’ करते हैं लोग, राष्ट्र धर्म के लिए ‘सरोकार सेवा’ करेंगे हम। गाँव-बस्ती जायेंगे, जनता की खबर देंगे, सरकारों की खबर लेंगे। इस मिशन के योगी और सहयोगी चुने हुए गाँव और बस्ती में जायेंगे। अगर कोरोना के कारण वहां जाना संभव न हो तो फोन से सारा काम करेंगे। वे उस गाँव या बस्ती के लोगों को:

  • समझाएंगे: महामारी से निपटने और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी देंगे
  • सुनेंगे: दर्ज़ करेंगे कि महामारी, बेकारी, भूख की क्या स्थिति है
  • सुलझाएंगे: समस्या की सूचना प्रशासन को देंगे, हल करेंगे
  • सीखेंगे: रोज़ी-रोटी के संकट का स्थानीय समाधान खोजेंगे
  • साथी बनाएंगे: स्थानीय सहयोगी जोड़ेंगे जो आगे जिम्मेवारी संभाल सकें

हम अपने इलाके में कुछ ऐसे गाँव चुनेंगे (या शहर में साधारण लोगों की बस्ती) जहाँ हमारा कुछ संपर्क है।  हम दो या तीन साथियों के साथ वहां जायेंगे और गाँव या बस्ती में कुछ लोगों के साथ बातचीत करेंगे।

  • उन्हें कोरोना वायरस के बारे बुनियादी जानकारी देंगे, जरुरत हो तो इससे बचने के तरीके और नजदीकी स्वास्थ्य सेवा के सूचना भी देंगे। यह सब सूचना जाने से पहले हमारे पास होगी।
  • गाँव में स्वास्थ्य सेवा, राशन की सुविधा, नरेगा या रोजगार की स्थिति और लोगों की आर्थिक हालत के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। जो सवाल पूछने हैं और उनका उत्तर कैसे दर्ज करना है उसके फॉर्म हमारे पास बना बनाया होगा।
  • इन मुद्दों पर उनकी समस्या सुलझाने में अगर कुछ मदद कर सकें (सरकारी विभाग के पास शिकायत भेजना, अफसर से संपर्क करवाना) तो हम वहीँ पर करेंगे। इसके लिए हम पहले से तैयार होकर जायेंगे।
  • उन्हें अपना परचा देंगे, इस राष्ट्रीय संकट पर अपना विचार उन्हें बताएँगे। अगर वो सहमत हों तो उनसे सप्तक योजना (सात सूत्र) पर उनकी सहमति लेंगे, उनका परचा उनके पास छोड़ेंगे।
  • लोगों के पूछेंगे की उनके अनुसार उनकी क्या मुख्य समस्या है, उसका क्या समाधान उनकी नज़र में है। इसका भी एक फॉर्म होगा।
  • गाँव में कुछ लोगों को अपना साथी बनाकर आएंगे, ताकि उनसे हमारा संपर्क बना रहे, और आगे से वो हमें सूचना देते रहें। कोशिश करेंगे कि  गाँव या बस्ती में एक जय हिन्द व्हाट्सप्प ग्रुप बन जाये।

हम आने वाले दिनों में ट्रेनिंग आयोजित करेंगे। इसे हम ऑनलाइन ज़ूम या फेसबुक के जरिये कर लेंगे। इसके लिए आपको 3-4 घंटे रखने पड़ेंगे।

वहां जाने से कोरोना फैलेगा नहीं? कोरोना के कारण अगर हम गाँव या बस्ती में ना जा सकें तो?
अगर हम मास्क और दूरी बनाये रखने की पूरी सावधानी बरतें तो ऐसा कोई खतरा नहीं है। फिर भी संभव है की कुछ जगह हम न जा पाएं। ऐसे में वहां यही सारा काम फोन के जरिये करना होगा।

  • कुछ स्थानीय समस्याओं का तत्काल समाधान होगा।
  • हम स्थानीय समस्याओं को अधिकारीयों और मीडिया को बताएँगे तो सरकार पर दबाव पड़ेगा।
  • जब सारी सूचना को इकठ्ठा करके मीडिया के जरिये देश के सामने रखेंगे तो जमीनी समस्याओं की तरफ ध्यान जायेगा।
  • आम जनता की बेबसी का एहसास टूटेगा और राष्ट्रीय संकल्प जागेगा। देश में ऐसी मुसीबत का सामना करने की एक नयी शक्ति पैदा होगी।

आपको तय करना है, आप सहयोगी या योगी कुछ भी बन सकते हैं।

  • सहयोगी: आप 100 दिन तक रोज 3-4 घंटे देंगे, या सप्ताह में दो पूरे दिन देंगे।
  • योगी: आप 100 दिन सब कुछ छोड़ कर देश के लिए समर्पित करेंगे, रोज कम से कम 8 घंटे, सप्ताह में 6 दिन देंगे।
    अगर ट्रेनिंग या कुछ अनुभव के बाद आप अपना समय घटाना या बढ़ाना चाहते हैं तो आप ऐसा कर सकते हैं। कोई कानूनी बंदिश नहीं है। अगर आप समय से बता देंगे तो हमें आसानी हो जाएगी।

यह सेवा का काम है। इसके बदले कोई पैसा नहीं मिलेगा। इस राष्ट्रीय संकट में बस एक ही सवाल है कि हम देश और समाज को क्या दे सकते हैं।

हमारी अपेक्षा यही है कि इस काम के कारण आपका जो नुकसान होगा उसे भी आप खुद ही सहन करेंगे। इस मिशन के जो केंद्रीय कार्यालय के खर्चे होंगे वो स्वराज इंडिया व्यवस्था करेगा। लेकिन आने-जाने और जो छोटे-मोटे खर्चे होंगे वो आप खुद ही उठाएंगे। अगर आप उसकी व्यवस्था खुद न कर सकें तो स्थानीय टीम में कोई दूसरा साथी आपका सहयोग कर सकता है। लेकिन मिशन जय हिन्द के नाम पर कोई चंदा इकठ्ठा नहीं किया जायेगा।

जी हाँ, सरोकार सेवा के पूरा होने पर आपको एक पत्र दिया जायेगा जो यह बताएगा की अपने कितने दिन या कितने घंटे यह सेवा की, आपने इसमें क्या काम किया, अपने इसके लिए क्या ट्रेनिंग ली।

हमने सरकार के सामने यह सात सूत्रीय योजना रखी है, जिसे प्रसिद्द अर्थशास्त्रियों और बुद्धिजीवियों ने मिलकर बनाया है।

  1. हर घर का स्वास्थ्य सर्वे कर कोरोना के हर मरीज की पहचान हो, फ्री टेस्ट हो, क्वारेंटाइन से वेंटीलेटर तक पूरा फ्री इलाज हो।
  2. दीपावली तक हर राशन कार्डधारी या जरूरतमंद व्यक्ति को हर महीने राशन में फ्री 10 किलो अन्न, 1.5 किलो दाल और 800 मिली तेल मिले।
  3. इस साल गाँव में हर परिवार को मनरेगा में सालाना 200 (और शहर में हर व्यक्ति को 100) दिहाड़ी काम गारंटी से मिले।
  4. हर जरूरतमंद परिवार को लॉक डाउन में हुए नुकसान की भरपाई के लिए एकमुश्त 10,000 रु मदद दी जाय।
  5. अनियमित छंटनी रोकी जाय, सैलरी रुकने या काम-धंधा बंद होने पर तत्काल सरकारी मदद मिले, किसान को फसल का पूरा दाम मिले।
  6.  मंदी चलने तक सूदखोरी से मुक्ति हो,  तीन महीने के लिए किसान, छोटे व्यापारी, MSME और हाउसिंग लोन पर ब्याज नहीं लगे।
  7. पैसे की कमी से यह योजना न रुके, जरुरत पड़े तो 100 करोड़ से ज्यादा संपत्ति और बड़ी कंपनियों पर विशेष टैक्स लगाया जाय।

स्वराज इंडिया एक राजनैतिक दल है। हम तो राजनीति को युगधर्म मानते हैं। लेकिन आपको इस मिशन में जुड़ने के लिए स्वराज इंडिया का सदस्य होने की कोई जरुरत नहीं। हमारे लिए राजनीति का मतलब सिर्फ दूसरों की टांग खींचना और किसी तरह चुनाव जीतना नहीं है। हम विरोध से पहले विकल्प सोचते हैं। इस सरोकार सेवा में हम किसी भी पार्टी के व्यक्ति के साथ काम करने को तैयार हैं। हमारी उम्मीद जरूर होगी कि हमारे साथ काम करने के बाद आप स्वराज परिवार से जुड़ना चाहेंगे।

India is facing an unprecedented crisis. One one hand, we are battling with COVID-19 pandemic, on the other, a burgeoning livelihood crisis. Add to this, China’s attack on our nation’s borders. Rather than standing up and responding to the crisis, the government seems to have practically given up. Opposition parties rather than fighting the crisis are busy fighting among themselves. In a crisis situation like this, people have been left to fend for themselves. We can either wait for this incompetent government to get its act together or we, the people of this country, can join hands to save our country from a catastrophe. This is the purpose of Mission Jai Hind.

Mission Jai Hind is our opportunity to serve the country. We will visit towns and villages, raise awareness among people and hold the governments accountable. Everyone who is a part of this Mission will visit nearby villages or towns. If because of corona virus, traveling is not possible, we will contact people through phones. Once we establish a contact, here is what we would do:

Explain: Provide information about tackling coronavirus as well as about available health facilities
Listen: Assess the ground reality of the pandemic, unemployment and the food crisis
Solve: Inform the administration of the on-ground situation and compel them to resolve the problems
Learn: Explore localised solutions to the problems of unemployment and food scarcity
Make Allies: Join hands with local volunteers who can further take on this responsibility and continue this work

We Will:

Select: villages in our areas (or localities in cities) where we have some contacts
Visit: such areas along with 2-3 of our colleagues and speak to the local people
Provide: basic information about coronavirus, ways to protect ourselves from it, as well as information about the nearest healthcare facilities. We must have this information handy before we go on the field visit
Collect: information about health services, availability of ration, status of NREGA & other employment sources, and people’s economic conditions. We will have a readymade form for the questions to be asked and information about how to record the answers
Solve, if possible: these issues by sending complaints to government departments, helping the public reach out to administrative officials. For this, we will be prepared beforehand.
Distribute: our pamphlet among the public, inform them of our stand on the existing national crisis. If they agree with our views, we’ll ask them to join our seven-point program.
Ideate: by interacting with people, learn, what according to them, are the major problems they are facing; and possible solutions, if any. We’ll have a form for this as well.

We will develop a relationship with some people from the villages/localities we visit so that we can continue to be in touch with them, and they can keep reach out to us in the future. We’ll try to make a Jai Hind WhatsApp group for the place we visit.

In the coming days we will conduct training sessions over online platforms – either Zoom or Facebook. You will need to take out 3-4 hours for this training.

If we take proper precautions like wearing a mask, regularly washing hands, maintaining physical distance, then there is no danger as such. Yet, if visiting a place physically is not possible, we will use phones and to complete the Mission.

Immediate resolution of some local issues.
Informing the officials & media about local issues pressurises the Government to act
Collating all this information and using media to present it in front of the country will direct national attention towards ground issues

This will rid the common people of this country from the helplessness they are facing and yield a national resolve. A collective strength will be born to tackle this problem throughout the nation

You have to decide whether you want to be full-timer or a part-timer – you can choose to be either. As a part timer, you will have to dedicate 3-4 hours per day, or 2 full days in a week for the next 100 days. As a full-timer, for the next 100 days you will be wholly dedicated for the country’s service. Everyday you will work for 8 hours, and at least give 6 days in a week.

After training or after gaining some experience, if you wish to increase or decrease your work-hours, you may do so. It’s not a binding obligation. However informing us in advance about any changes would make things smoother.

This is purely voluntary work and therefore you will not be paid for this. During this national pandemic, our complete focus is on what we can do for our country. We expect personal expenses to be borne by the volunteers. Expenses incurred on the central office would be borne by Swaraj India. However this does not include travel disbursements or any other personal expenses. If, however there is a need, you may reach out to other volunteers for help. Strictly, no funds would be collected by any volunteer under the name of Mission Jai Hind.

Yes, after successful completion of the work, you will be given a letter of recommendation which will mention the time that you have spent working, the details of the work and the training received.

The following seven-point action plan, created and endorsed by renowned economists and intellectuals, is the alternative we are offering to resolve the ongoing crisis:

 

  1. A health survey of every household be conducted in order to identify COVID-19 positive patients, provide for free testing & free medical facilities (ranging from quarantine to ventilator support) for all patients
  2. Till November this year, each ration card holder to receive 10 kg grains, 1.5 kg pulses and 800 ml oil every month, free of cost
  3. MNREGA to be extended to cover 200 days of guaranteed employment in rural areas (100 days in urban areas) for each family
  4. Every needy family to receive a one time compensation of Rs. 10,000 for losses suffered during lockdown
  5. Irregular lay-offs by employers to be halted; immediate government intervention & support in case of deferment of salary or loss in business; farmers to be offered MSP for their produce
  6. No demand for payment of interest on loans till economy doesn’t pick up; a three-month interest waiver on farm loans, housing loans, and loans of small businesses & MSMEs
  7. Lack of funds should not be an excuse for non-implementation of this plan. If required, extra taxes to be levied on businesses and companies holding assets worth more than ₹100 crores.

Swaraj India is a political organisation. We consider politics to be the highest form of social service. But you do not have to be a part of Swaraj India to join this mission. For us, politics is not merely about criticising others or to anyhow win electoral battles. We believe in constructive politics, in offering implementable solutions even before we begin protesting on an issue. For Mission Jai Hind, we are ready to work with people from across political lines but we would also hope that after having worked with us, you would become a part of the Swaraj family.