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यूपी टीईटी परीक्षा पर युवा-हल्लाबोल आंदोलन की पैनी नज़र

यूपी टीईटी परीक्षा पर युवा-हल्लाबोल आंदोलन की पैनी नज़र

प्रेस नोट: 18 नवंबर 2018

यूपी टीईटी परीक्षा पर युवा-हल्लाबोल आंदोलन की पैनी नज़र

यूपीपीएससी में धांधली की जाँच कर रहे सीबीआई एसपी राकेश रंजन का आकस्मिक सिक्किम तबादला
क्या आयोग के भ्रष्टाचार में बीजेपी के क़रीबियों का भी हाथ था? आख़िर किसको बचाया जा रहा है?” – अनुपम
सरकारी परीक्षाओं में निरंतर हो रही धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी “युवा-हल्लाबोल” आंदोलन आज उत्तर प्रदेश में हो रहे टीईटी परीक्षा पर पैनी नजर बनाए हुए है। विगत वर्षों में हुई परीक्षाओं में अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए युवा-हल्लाबोल की टीम काफी सचेत है। ज्ञात हो कि युवा-हल्लाबोल ने आज UP TET परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए हेल्पलाइन नंबर (76785 80829 , 98892 99944 , 98104 08888) जारी किया था। साथ ही युवा-हल्लाबोल टीम ने प्रदेश के कई शहरों में परीक्षा केंद्रों पर जा कर जायज़ा भी लिया। महराजगंज में चंदशेखर जायसवाल के नेतृत्व में युवा-हल्लाबोल टीम ने शहर में स्थित पी.जी.कालेज परीक्षा केंद्र का जायजा लिया और अभ्यर्थियों से सुविधाओं के बारे में भी जाना। वाराणसी में राकेश पाल, इलाहाबाद में विकास, लखनऊ में जितेंद्र, नोएडा में उत्सव , गोरखपुर में आशुतोष समेत अन्य शहरों में भी युवा हल्लाबोल की टीम सक्रिय रही। युवा-हल्लाबोल ने बताया कि आज कुछ शहरों में परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ साथ ही कुछ शिकायतें भी पाई गई। जिनमें:

• पहली पाली की परीक्षा के दौरान एसटीएफ बरेली की टीम ने सॉल्वर गिरोह के 6 सदस्यों को पकड़ा।
• इलाहाबाद पुलिस ने भी परीक्षा के एक दिन पूर्व धांधली करवाने वाले एक संगठित गिरोह के 4 सदस्यों को पकड़ा था।
• बड़ौत में परीक्षा देने से रोकने पर अभ्यर्थियों ने विरोध किया।
• मथुरा में छात्रों ने विरोध किया, ओरिजिनल मार्कशीट ना लाने के चलते 60 विद्यार्थियों को परीक्षा से किया बाहर, अटेस्ट मार्कशीट परीक्षकों ने नहीं की मान्य, परीक्षा निरीक्षक अरविंद सक्सेना द्वारा महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज से बीच परीक्षा से करीब 60 छात्रों को बाहर किये जाने का मामला मिला।
• मुरादाबाद से 3 सॉल्वर्स को गिरफ्तार किया गया, सॉल्वर्स की निशानदेही पर छापेमारी जारी होने की सूचना है।

यूपीपीएससी में व्याप्त धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ अखिलेश यादव की सपा सरकार और आयोग अध्यक्ष अनिल यादव के ख़िलाफ़ छात्रों में भारी आक्रोश था। लेकिन सरकार ने साल 2012 से 2017 तक की 600 भर्तियों की जाँच कर रहे सीबीआई एसपी राकेश रंजन का एकाएक सिक्किम तबादला कर दिया है। इस आकस्मिक तबादले से संदेह की सुई भाजपा पर भी जाना लाज़मी है।युवा-हल्लाबोला आंदोलन का राष्ट्रीय नेतृत्व कर रहे अनुपम ने सवाल उठाया कि क्या उत्तर प्रदेश चयन आयोग के भ्रष्टाचार में बीजेपी के क़रीबियों का भी हाथ था? अगर नहीं तो आख़िर किसको बचाया जा रहा है? स्वच्छ परीक्षा प्रणाली के लिए संघर्षरत युवा-हल्लाबोला ने बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ देशव्यापी मुहीम छेड़ रखी है।

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