ಸ್ವರಾಜ್ ಇಂಡಿಯಾ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಅಧ್ಯಕ್ಷತೆಯ ಸದಸ್ಯರಾದ ದೇವನೂರ ಮಹಾದೇವ ಅವರ ಲೇಖನ: ಕೊನೆಗೂ ಪಾಲನೆಯ ಸ್ತ್ರೀಶಕ್ತಿ ಪಾದಗಳಿಗೆ ಶರಣು

ಸ್ವರಾಜ್ ಇಂಡಿಯಾ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಅಧ್ಯಕ್ಷತೆಯ ಸದಸ್ಯರಾದ ದೇವನೂರ ಮಹಾದೇವ ಅವರ ಲೇಖನ: ಕೊನೆಗೂ ಪಾಲನೆಯ ಸ್ತ್ರೀಶಕ್ತಿ ಪಾದಗಳಿಗೆ ಶರಣು

ಕೊನೆಗೂ ಪಾಲನೆಯ ಸ್ತ್ರೀಶಕ್ತಿ ಪಾದಗಳಿಗೆ ಶರಣು ಕರಾವಳಿ ಮಣ್ಣಲ್ಲಿ ಹುಟ್ಟಿದ ದೊಡ್ಡ ಮನುಷ್ಯ ಕುದ್ಮಲ್ ರಂಗರಾವ್‍ರನ್ನು ಹಾಗೇ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಬೆಟ್ಟದಜೀವ, ಮರಳಿ ಮಣ ್ಣಗೆ ಕಾವ್ಯ ನೀಡಿದ ಶಿವರಾಮ ಕಾರಂತರನ್ನು ನೆನಪಿಸಿಕೊಂಡು ನಮಿಸಿ ಒಂದೆರಡು ಮಾತುಗಳನ್ನಾಡುವೆ. ನಾನು ಕಾವ್ಯ ಎಂದದ್ದು ಬಾಯ್ತಪ್ಪಿನಿಂದ ಅಲ್ಲ; ಭಾವಿಸಿ ಹೇಳಿದೆ. ಕಾರಂತರು ಅಂದರೆ ಹೈಟೆನ್ಸನ್ ವೈರ್ ಎಂದು ನನ್ನ ಪತ್ನಿ ಸುಮಿತ್ರಾ ಆಗಾಗ ಹೇಳುತ್ತಿರುತ್ತಾರೆ. ಕಾರಂತರ ಪ್ರಖರತೆ ಹೈಟೆನ್ಸನ್ ವೈರ್‍ನಂತೆಯೇ ಇತ್ತು. ಅವರ ವೈಖರಿಯನ್ನು ಒಂದು ಪುಸ್ತಕ ಬಿಡುಗಡೆ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದಲ್ಲಿ ಕಂಡಿದ್ದೇನೆ. ಕಾರಂತರು ತಾವು ಬಿಡುಗಡೆ ಮಾಡಬೇಕಿದ್ದ ಪುಸ್ತಕದ […]

स्वराज अभियान महाराष्ट्र के महासचिव, संजीव साने का लेख: साफ नीयत कहाँ ?  सही विकास कहाँ?

स्वराज अभियान महाराष्ट्र के महासचिव, संजीव साने का लेख: साफ नीयत कहाँ ? सही विकास कहाँ?

साफ नीयत कहाँ? सही विकास कहाँ? भाजपा सरकार के चार साल पूरे हुए. इस अवसर पर उन्होंने अपना पुराना नारा ‘सबका साथ, सबका विकास’ छोड दिया, और नए नारे के साथ सामने आए हैं. नया नारा है “साफ नीयत , सही विकास”. इससे यह स्पष्ट हो गया कि सबका साथ मिले बिना सबका विकास नहीं हो सकता. विगत चार सालों […]

স্বরাজ ইন্ডিয়া রাষ্ট্রীয় অধ্যক্ষ যোগেন্দ্র যাদবের প্রতিবেদন: কর্ণাটক দেখে মোদির পতন বা রাহুলের উত্থান ভাবা ভুল

স্বরাজ ইন্ডিয়া রাষ্ট্রীয় অধ্যক্ষ যোগেন্দ্র যাদবের প্রতিবেদন: কর্ণাটক দেখে মোদির পতন বা রাহুলের উত্থান ভাবা ভুল

কর্ণাটক দেখে মোদির পতন বা রাহুলের উত্থান ভাবা ভুল কর্ণাটকের মুখ্যমন্ত্রী পদে কুমারাস্বামীর শপথগ্রহণ অনুষ্ঠানে অংশ নিয়ে বিভিন্ন অ-বিজেপি দলের নেতা-নেত্রীরা একজোট হওয়ার বার্তা দিয়েছেন। তবে এই বিরোধী ঐক্য নিয়ে আমি খুব একটা আশাবাদী হতে পারছি না। নরেন্দ্র মোদির চার বছরের শাসনে ভারতীয় প্রজাতন্ত্রের মূল্যবোধগুলি ভয়ঙ্কর আঘাত পেয়েছে। কিন্তু বিরোধীদের তরফে জোটবদ্ধ হওযার যেসব চেষ্টা নজরে এসেছে সেগুলি আমাকে হতাশ […]

स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव ध्यानी का लेख: विज्ञापनों की दुनिया, एयरटेल वाली लड़की और मोदी जी

विज्ञापनों की दुनिया, एयरटेल वाली लड़की और मोदी जी किसी भी नए प्रोडक्ट के विज्ञापन में उसका सबसे मजबूत पक्ष ही सामने लाया जाता है। ये विज्ञापन सकारात्मक और आक्रामक होते हैं। लेकिन पुराने स्थापित प्रोडक्ट के मामले में कभी- कभी विज्ञापन रक्षात्मक भी हो जाते हैं। उदाहरण के लिए एक ऐसे साबुन को लीजिए, जिसे सेहत के लिए अच्छा […]