An Interview with Swaraj India Presidium Member Devanoor Mahadeva: Alternative Politics

Alternative Politics: An Interview With Devanoora Mahadeva This interview, in Kannada, was first published on August 2nd 2015 in Prajavani. Translated into English and edited by Rashmi Munikempanna. Sarvodaya Karnataka Party, which was founded as a part of Karnataka’s alternative political experiments, merged with Swaraj India in early 2017. Devanoora Mahadeva, who was the president…

Details

Article by Prof. Gourango Chakraborty President of Swaraj Abhiyan West Bengal : A Brief Outline of Electoral Reforms Required for Effective and Meaningful Democracy in India – Part 1

A Brief Outline of Electoral Reforms Required for Effective and Meaningful Democracy in India – Part 1 A democracy to be effective and meaningful needs free and fair voting as the most powerful instrument. Unfortunately, corruption and corrupt practices, political interference, criminalisation back money and illiteracy stand in the way of holding a free and…

Details

म्यांमार के रोहिंग्या संकट पर स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव ध्यानी के लम्बे लेख की चौथी किश्त

बेघर और बेचारे लोग 4 म्यांमार की सरकार तो रोहिंग्या शब्द तक को मान्यता नहीं देती, और उसका अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी से लगातार यह आग्रह रहता है कि ‘ म्यांमार में आ बसे बंगाली मुसलमानों’ के लिए इस शब्द का इस्तेमाल न किया जाए. साल 2016 में खुद म्यांमार की शीर्ष नेता आंग सान सू क्यी…

Details

स्वराज अभियान महाराष्ट्र के महासचिव, संजीव साने का लेख: सीधा चयन, हानिकारक!

सीधा चयन, हानिकारक! हाल ही में केंद्र सरकार ने उपसचिव स्तर के अधिकारियों का सीधा चयन करने का निर्णय लिया है. यह क़दम एक सोची समझी नीति के तहत उठाया गया है. केन्द्रीय सेवाओं में अधिकारी स्तर की सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए अब तक यू.पी.एस.सी की परीक्षा पास करना जरूरी था. देशभर में…

Details

স্বরাজ ইন্ডিয়া রাষ্ট্রীয় অধ্যক্ষ যোগেন্দ্র যাদবের প্রতিবেদন: ভোট হোক ইভিএমেই, প্রয়োজন শুধু বাড়তি সতর্কতার

ভোট হোক ইভিএমেই, প্রয়োজন শুধু বাড়তি সতর্কতার নির্বাচন কমিশনের ‘ভোটার ভেরিফায়েবেল পেপার অডিট ট্রায়াল’ বা ভিভিপ্যাট মেশিনের ব্যবহারের সিদ্ধান্ত ইভিএম বিতর্ককে ফের প্রাসঙ্গিক করে তুলেছে। সাম্প্রতিক উপনির্বাচনগুলিতে শাসক পক্ষ জোরালো ধাক্কা খাওয়ার পর আত্মবিশ্বাসী বিরোধী শিবির। বিরোধী নেতাদের অনেকেই ব্যালট পেপারে ভোট গ্রহণের দাবি তুলেছেন। নির্বাচন কমিশন যখন নিজের মতো করে বর্তমান ভোট গ্রহণ ব্যবস্থাকে…

Details

ಸ್ವರಾಜ್ ಇಂಡಿಯಾ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಅಧ್ಯಕ್ಷತೆಯ ಸದಸ್ಯರಾದ ದೇವನೂರ ಮಹಾದೇವ ಅವರ ಲೇಖನ: ಕೊನೆಗೂ ಪಾಲನೆಯ ಸ್ತ್ರೀಶಕ್ತಿ ಪಾದಗಳಿಗೆ ಶರಣು

ಕೊನೆಗೂ ಪಾಲನೆಯ ಸ್ತ್ರೀಶಕ್ತಿ ಪಾದಗಳಿಗೆ ಶರಣು ಕರಾವಳಿ ಮಣ್ಣಲ್ಲಿ ಹುಟ್ಟಿದ ದೊಡ್ಡ ಮನುಷ್ಯ ಕುದ್ಮಲ್ ರಂಗರಾವ್‍ರನ್ನು ಹಾಗೇ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಬೆಟ್ಟದಜೀವ, ಮರಳಿ ಮಣ ್ಣಗೆ ಕಾವ್ಯ ನೀಡಿದ ಶಿವರಾಮ ಕಾರಂತರನ್ನು ನೆನಪಿಸಿಕೊಂಡು ನಮಿಸಿ ಒಂದೆರಡು ಮಾತುಗಳನ್ನಾಡುವೆ. ನಾನು ಕಾವ್ಯ ಎಂದದ್ದು ಬಾಯ್ತಪ್ಪಿನಿಂದ ಅಲ್ಲ; ಭಾವಿಸಿ ಹೇಳಿದೆ. ಕಾರಂತರು ಅಂದರೆ ಹೈಟೆನ್ಸನ್ ವೈರ್ ಎಂದು ನನ್ನ ಪತ್ನಿ ಸುಮಿತ್ರಾ ಆಗಾಗ ಹೇಳುತ್ತಿರುತ್ತಾರೆ. ಕಾರಂತರ ಪ್ರಖರತೆ ಹೈಟೆನ್ಸನ್ ವೈರ್‍ನಂತೆಯೇ ಇತ್ತು. ಅವರ ವೈಖರಿಯನ್ನು ಒಂದು ಪುಸ್ತಕ ಬಿಡುಗಡೆ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದಲ್ಲಿ ಕಂಡಿದ್ದೇನೆ.…

Details

स्वराज अभियान महाराष्ट्र के महासचिव, संजीव साने का लेख: साफ नीयत कहाँ ? सही विकास कहाँ?

साफ नीयत कहाँ? सही विकास कहाँ? भाजपा सरकार के चार साल पूरे हुए. इस अवसर पर उन्होंने अपना पुराना नारा ‘सबका साथ, सबका विकास’ छोड दिया, और नए नारे के साथ सामने आए हैं. नया नारा है “साफ नीयत , सही विकास”. इससे यह स्पष्ट हो गया कि सबका साथ मिले बिना सबका विकास नहीं…

Details

স্বরাজ ইন্ডিয়া রাষ্ট্রীয় অধ্যক্ষ যোগেন্দ্র যাদবের প্রতিবেদন: কর্ণাটক দেখে মোদির পতন বা রাহুলের উত্থান ভাবা ভুল

কর্ণাটক দেখে মোদির পতন বা রাহুলের উত্থান ভাবা ভুল কর্ণাটকের মুখ্যমন্ত্রী পদে কুমারাস্বামীর শপথগ্রহণ অনুষ্ঠানে অংশ নিয়ে বিভিন্ন অ-বিজেপি দলের নেতা-নেত্রীরা একজোট হওয়ার বার্তা দিয়েছেন। তবে এই বিরোধী ঐক্য নিয়ে আমি খুব একটা আশাবাদী হতে পারছি না। নরেন্দ্র মোদির চার বছরের শাসনে ভারতীয় প্রজাতন্ত্রের মূল্যবোধগুলি ভয়ঙ্কর আঘাত পেয়েছে। কিন্তু বিরোধীদের তরফে জোটবদ্ধ হওযার যেসব চেষ্টা…

Details

स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य नीरज कुमार का लेख: किसके-किसके अच्छे दिन आ गएँ? ज़रा हाथ उठा कर बताइये तो!

किसके-किसके अच्छे दिन आ गएँ? ज़रा हाथ उठा कर बताइये तो! भारत के प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। जब मोदी जी प्रधानमंत्री बनने वाले थे तब उन्होंने कई वायदे किये थे जिसमे सबसे प्रमुख “अच्छे दिन” लाने का वादा था। अब जबकि मोदी जी के कार्यकाल…

Details

स्वराज अभियान महाराष्ट्र के महासचिव, संजीव साने का लेख: क्या हम हिन्दुओं के हित में काम नही करतें?

क्या हम हिन्दुओं के हित में काम नही करतें? देश में विभिन्न विचारों के साथ काम करने वाले अनेक समूह हैं। ज़ाहिर है कि अपने व्यक्तिगत हित से आगे निकलकर बड़े समूह के लिए काम करने का सीधा संबंध विचार से होता है। कोई भी कार्य बिना विचार के नहीं होता, इसलिए उसे स्पष्ट तरीके…

Details