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दिल्ली में किसानों की ज़मीन का सर्किल रेट 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने के लिए दिल्ली देहात केे ग्रामीणों ने की मांग:-स्वराज इंडिया दिल्ली देहात मोर्चा

दिल्ली में किसानों की ज़मीन का सर्किल रेट 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने के लिए दिल्ली देहात केे ग्रामीणों ने की मांग:-स्वराज इंडिया दिल्ली देहात मोर्चा

स्वराज इंडिया, दिल्ली प्रदेश
प्रेस नोट : 25 अगस्त 2019
 
दिल्ली में किसानों की ज़मीन का सर्किल रेट 10 करोड़  रुपये प्रति एकड़ करने के लिए दिल्ली देहात केे ग्रामीणों ने की मांग:-स्वराज इंडिया दिल्ली देहात मोर्चा
 
दिल्ली देहात मोर्चा की एक बैठक में किसानों से रायशुमारी करने के आधार पर दिल्ली में किसानों की ज़मीन का सर्किल रेट 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने की मांग की गयी है। 
 
किसानों के अनुसार दिल्ली में पिछले 15 वर्षो से सर्किल रेट नही बढ़ाया गया है। 2005 में 53 लाख प्रति एकड सर्किल रेट दिल्ली सरकार द्वारा लागू किया गया था, जो आज भी लागू है। बाजार भाव से कई गुना अधिक दर पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय कापसहेड़ा में दिल्ली देहात के क्षेत्र की जमीन की  रजिस्ट्री लगातार हो रहीं है। बाजार भाव और सर्किल रेट मे बड़े अंतर के कारण सरकार को भारी मात्रा में राजस्व का नुकसान हो रहा है।
 
 
*दिल्ली के मुख्यमंत्री ने बवाना विधानसभा के उपचुनाव में सर्किल रेट को 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने का वादा किया था जो अभी तक पूरा नही हुआ।*
दिल्ली सरकार द्वारा किसानों की जमीन का सर्किल रेट ना बढ़ाना प्रथमदृष्टिया ऐसा प्रतीत होता है कि दिल्ली सरकार और बिल्डर के बीच मिली भगत चल रही है।
 
सरकारी नीतिओं के कारण किसानों की बेशकीमती ज़मीन की लूट की जा रही है, जो सारे दिल्ली देहात के किसानों के साथ धोखा है। बिजवासन गाँव के किसानों की जमीन का अधिग्रहण के मामले में नज़फगढ़ के दिचाऊं कलाँ और झाड़ौदा कलाँ के किसानों की ज़मीन का राष्ट्रीय राजमार्ग निकालने के लिए *धारा 3 क* के तहत अधिग्रहण  नोटिस जारी कर दिए गए है जो कि किसानों की ज़मीन के सर्किल रेट न होने की वजह से किसानों ग्रामीणों में चिंता का कारण है।
 
*स्वराज इंडिया दिल्ली देहात मोर्चा के अध्यक्ष राजीव यादव का कहना है कि किसान सरकार को ज़मीन देने से मना नही कर रहे हैं,लेकिन किसानों की जायज मांगो को समय रहते नही माना गया तो किसान ज़मीन अधिग्रहण का विरोध करेंगे तथा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।*
 
*मोर्चा के उपाध्यक्ष सतेंद्र राणा (हेडली) का कहना है कि किसानों की जमीन केंद्र सरकार की नीतियों के तहत अधिग्रहित की जानी चाइये,इसके 20 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अधिग्रहित की जानी चाइये।*
 
ज़मीन का किसानों को सम्मानजनक मुआवजा मिलना किसानों का हक है,इसलिए स्वराज इंडिया किसानों के न्याय की लड़ाई सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक उठाता रहेगा।
 
*संपर्क*
*देवेंद्र, स्वराज इंडिया, दिल्ली प्रदेश*
*मोबाइल- 8882641140*

 


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