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स्वराज इंडिया अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने रेलवे कुलियों के समस्या के संबंध में रेल मंत्री पीयूष गोयल को लिखा पत्र।


Press Release

स्वराज इंडिया
प्रेस विज्ञप्ति
1जुलाई 2020

स्वराज इंडिया अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने रेलवे कुलियों के समस्या के संबंध में रेल मंत्री पीयूष गोयल को लिखा पत्र।

दिनांक: 01 जुलाई, 2020
सेवा में,
श्री पीयूष गोयल
माननीय रेलवे मंत्री,
भारत सरकार।

विषय:- भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण अंग ‘कुली/सहायक’ को लॉकडाउन की वजह से हुई आर्थिक तंगी में विशेष राहत देकर आर्थिक मदद करने व रेल सेवा की पूर्ण बहाली तक मानदेय देने की मांग के सम्बंध में।

महोदय,

मैं, योगेन्द्र यादव (अध्यक्ष, स्वराज इंडिया) यात्रा सहायक/कुली की जीवन से जुड़ी मांगों को आपके सामने रख कर इन्हें पूरा करने का निवेदन करता हूँ।

स्वराज इंडिया वैकल्पिक राजनीति की राही है। लगातार उस वर्ग की आवाज को उठाती रही है, जिनकी आवाज सुनी नहीं जाती है।

कोरोना काल और इससे उपजे संकट ने सभी वर्गों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। इस आर्थिक संकट ने कमजोर और निचले वर्गों की समस्याओं को कई गुणा बढ़ा दिया है। इस संकट के समय स्वराज इंडिया की तरफ से मैं योगेन्द्र यादव आपका ध्यान कुली-सहायक वर्ग के लिए कोरोना व लॉक डाउन के चलते मुश्किल हालात व उनके द्वारा नियमित रूप से उठाई जा रही माँगो और विषयों की तरफ ले जाना चाहता हूँ।

1. देशभर में 19,762 लाइसेंसशुदा यात्रा सहायक/कुली हैं। एक तरफ पिछले सालों में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के कारण इनकी आमदनी में गिरावट आई है। दूसरी तरफ कोरोना के चलते हुई लॉकडाउन की घोषणा के दौरान रेल सेवा पूर्णतया ठप रही। जिसके चलते इन यात्रा सहायकों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अभी भी रेल सेवा की पूर्ण बहाली में समय लगेगा। तब तक रोजी व रोटी का संकट और गहरा हो जाएगा।

इन परिस्थितियों में यात्रा सहायकों/ कुलियों को हुए आर्थिक संकट को संवेदनशीलता से देखते हुए इन यात्रा सहायकों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की जाए।

पूर्ण रूप से रेल सेवा बहाल होने तक रेल विभाग इन यात्रा सहायकों को विशेष मानदेय देकर मदद करे!

2. प्रशासनिक प्रावधान के अनुसार कुलियों को सहायक और ‘यात्री सहायक’ कहा जाता है और उनसे मुफ्त के कई कार्य करवाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त किसी रेल दुर्घटना के समय इनसे अन्य रेलवे कर्मियों की भांति कार्य और मदद करवाई जाती है।

3. रेलवे विभाग द्वारा कुली-सहायक कर्मचारियों पर सम्पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण रखा जाता है। उनका रिकॉर्ड हाजरी पंजिका में रखा जाता है। इसके अतिरिक्त उनकी अनुपस्थिति में उन्हें पत्र लिख कर तुरंत हाजिर होने के आदेश दिये जाते है। दक्षिण केंद्र रेलवे के पत्र नंबर- G/C.360/LCP/Policy/2012 द्वारा जारी निर्देशो अनुसार कुली-सहायकों की मासिक हाजरी का रिकॉर्ड रखना आवश्यक है इसके अतिरिक्त हर माह की 5 तारीख़ को दक्षिण-केंद्र रेलवे के दफ्तर में भेजना अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त अनुपस्थित रहने वाले कुलियों को भी समय-समय पर विभाग उपस्थित होने के निर्देश जारी करता रहता है। यह दर्शाता है कि रेलवे विभाग कुलियों-सहायकों पर अपने कर्मचारियों की भांति प्रशासनिक नियंत्रण रखता है।

4. कोरोना संकट और लॉकडाउन के समय रेलवे सफाई कर्मियों (नियमित, कॉन्ट्रैक्ट, आउटसोर्सिंड़ इत्यादि) को छुट्टी समय डयूटी पर माना गया और मानदेय दिया गया। इसी प्रकार की सुविधा की माँग कुली-सहायक श्रेणी के कर्मी भी रेलवे से करते है।

रेलवे मंत्रालय और इसके अन्य विभागों द्वारा समय-समय पर जारी किये गये शासनादेशों के आधार पर कुली-सहायक वर्ग उक्त मांगों को आपके समक्ष रखता रहा है। मगर विभाग ने अब तक इन पर गौर नहीं किया है।

स्वराज इंडिया का आपसे निवेदन है कि कोरोना संकट के इस समय में मानवीय आधार पर कुली-यात्रा सहायक वर्ग को उनका वाजिब हक दिया जाए ताकि वह इस संकट के समय अपनी और परिवार को सुरक्षित रख सके।

भवदीय
योगेन्द्र यादव
अध्यक्ष
स्वराज इंडिया
मोबाइल: 9868888986
ईमेल: yogendra.yadav@gmail.com

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